Tuesday, 18 September 2012

सुन्दर लिखने का वैज्ञानिक तरीका - गिरिजेश







सुन्दर लिखने का वैज्ञानिक तरीका: गिरिजेश 

सुन्दर लिखना कौन नहीं चाहता! लिखने के लिये टाइप राइटर और फिर कम्प्यूटर के इस्तेमाल से पहले तो हाथ से ही लिखने का चलन था. अभी भी कहा जाता है - "पेन इज़ द बेस्ट मशीन". अभी भी आपको अक्सर हाथ से लिखने की ज़रूरत तो पड़ती ही है. और अगर आपने सुन्दर लिखा है, तो पढ़ने वाले को भी अच्छा लगता है. खास कर लिखित परीक्षा में परीक्षक पर आपकी राइटिंग का बहुत ही सकारात्मक असर पड़ता है. वही उत्तर अगर गन्दी राइटिंग में लिखा हो और वही उत्तर अगर सुन्दर राइटिंग में लिखा हो, तो मिलने वाले अंकों में फ़र्क पड़ जाता है. आपको मिलने वाले अंकों को बढ़ाने में आपकी राइटिंग एक महत्वपूर्ण और लाभकारी घटक है. 

अक्सर लोगों को कहते सुना जाता रहा है कि सुन्दर हैण्ड-राइटिंग तो "गॉड गिफ़्टेड" होती है. या कि बचपन में जिसकी राइटिंग नहीं सुधरी, उसकी फिर जिन्दगी भर नहीं सुधर सकती है. परन्तु मेरा मानना है कि अगर आपमें इतनी अक्ल है कि आप अपने जूते के फीते बाँध सकते हैं, तो आप अपनी राइटिंग भी सुधार सकते हैं. इस लेख में सुन्दर लिखने का वैज्ञानिक तरीका बताया गया है. इस तरीके का परिणाम अद्भुत होता रहा है. पिछले दो दशकों में अभी तक दसियों हज़ार लोगों ने इस तरीके से अपनी राइटिंग सुधारी है.

क्या आप भी अपनी राइटिंग से असंतुष्ट हैं? क्या आप उसे सुधारना चाहते हैं? यदि हाँ, तो इस लेख में दिये गये सुझावों को ध्यान से पढ़िए. और यदि आप चाहें, तो इन सुझावों को लागू कीजिए. इसका कल्पनातीत परिणाम स्वयं ही आपके सामने कुछ ही दिनों के अभ्यास के बाद आ जायेगा.

1- आपकी कॉपी में खींची गयी लाइनों को ध्यान से देखिए. दो लाइनों के बीच 8 मिमी. की दूरी होती है.
2- एक ही लाइन पर हिन्दी को कपड़े की तरह लटकाया जाता है और अंग्रेज़ी को मोमबत्ती की तरह खड़ा किया जाता है. अर्थात हिन्दी के शब्दों के ऊपर 'शिरोरेखा' खींची जाती है और अंग्रेज़ी के शब्द 'अधोरेखा' पर लिखे जाते हैं.
3- हिन्दी के शब्दों के ऊपर शब्द के आरम्भ से एक मिमी पहले से शुरू कर के शब्द के अन्त के एक मिमी बाद तक एक ही शिरोरेखा खींची जाती है. बिना शिरोरेखा के लिखना या टूटी हुई शिरोरेखा बनाना सही नहीं है.
4- हिन्दी के अक्षर चार मिमी. लम्बाई के बनाने चाहिए. अर्थात दो लाइनों के ठीक बीचोबीच तक ही अक्षरों की लम्बाई होनी चाहिए. नीचे का आधा हिस्सा मात्राएँ देने के लिये प्रयोग किया जाता है.
5- सभी दो अक्षरों के बीच दो मिमी. और दो शब्दों के बीच छः मिमी. की समान दूरी रखनी चाहिए. एकरूपता सौन्दर्य का महत्वपूर्ण अंग है.
6- सभी सीधे अक्षरों को 90 अंश और घुमावदार अक्षरों को 45 अंश के कोणों पर बनाना चाहिए. 
7- सभी टेढ़ी मात्राओं को 45 अंश के कोण पर बनाना चाहिए.
8- अंग्रेज़ी के बड़े अक्षर छः मिमी और छोटे अक्षर तीन मिमी की ऊँचाई के लिखने चाहिए.
9- लिखते समय पूरे पन्ने पर बायीं ओर एक इंच और दाहिनी ओर आधा इंच जगह खाली रखनी चाहिए. इसी तरह ऊपर की ओर एक इंच और नीचे की ओर भी आधा इंच जगह छोड़ देनी चाहिए.
10- प्रत्येक नया पैराग्राफ शुरू करते समय बायीं ओर से तीन लाइनों के बीच की दूरी के बराबर अर्थात 16 मिमी जगह छोड़ कर लिखना शुरू करना चाहिए.
11- लिखने में केवल नीली या काली कलम का प्रयोग करना चाहिए. लाल कलम कॉपी जाँचने के लिये और हरी कलम जाँची गयी कॉपी को दुबारा जाँचने के लिये होती है. लिखने वाले को लाल या हरी कलम का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
12- शीर्षक के नीचे दो अधोरेखा और उपशीर्षक के नीचे एक अधोरेखा खींच कर शीर्षक के सामने (:) तथा उपशीर्षक के सामने () चिह्न लगाना चाहिए.
13- महत्वपूर्ण अंशों पर पाठक का ध्यान आकर्षित करने के लिये स्याही का रंग बदल दें, उसके नीचे अधोरेखा खींच दें, बोल्ड कर दें, या टेढ़े अक्षरों में (इटैलिक) लिख दें. और अगर महत्वपूर्ण अंश अधिक लम्बा है, तो उसके दाहिनी ओर किनारे की खाली जगह पर ऊपर से नीचे की ओर सीधी रेखा खींच दें.
14- इस तरीके से अभ्यास करते समय शुरू में आपकी लिखने की रफ़्तार निश्चय ही धीमी होगी. मगर इससे बिलकुल घबराइए मत. 
15- धीरे-धीरे कर के सुन्दर लिखने का अभ्यास करने के साथ ही अपनी रफ़्तार भी बढ़ाते जाइए. आप देखेंगे कि आपकी लिखावट भी सुन्दर हो गयी और आपके लिखने की रफ़्तार भी बढ़ती जा रही है. 
16- बाद में अभ्यास बढ़ाने के साथ घड़ी देख कर तेज लिखना शुरू कर दें. ताकि परीक्षा में समय से सभी उत्तरों को हल कर ले जायें.
17- यदि आप इस प्रयोग से सन्तुष्ट और प्रसन्न होते हैं, तो मेरा निवेदन है कि अपने आस-पास के लोगों को भी इसे सीखने के लिये प्रोत्साहित कीजिए.
18- अधिक से अधिक छात्रों और विद्यालयों तक इसे पहुँचाने के काम में मेरी सहायता कीजिए.
19- इसको सीखने में अगर आप कोई दिक्कत महसूस करते हैं, तो आपकी सहायता करने के लिये मैं विनम्रतापूर्वक उपलब्ध हूँ. मुझसे 09450735496 पर सम्पर्क कीजिए.




6 comments:

  1. गिरिजेश जी आपने बहुत अच्छी बात बताई बच्चों की लिखावट खराब होने की वजह से हर माँ-बाप परेशान रहता है, हमने भी सबसे पहले यह लेख अपने बेटे को पढाया जिससे वो भी अपनी लिखावट में सुधार कर सके|

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  2. Sir Apki Advise To Bahut Achhi Lag Rahi Hai, Mai Isko Apna Kar Apni Writing Skills Devlop KJarne Ka Prayash Karunga..

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  3. its a pleasure to get ur advise. and ur thought are really amazaing and moral giving.....

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  4. please apan likha ek peragraf bhej de Hindi mail aur English mai bhi badi mhrbani hogi my what's app number 8171255284

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  5. मेरा भारत महान

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